Energy in Rock: Is the Underground the Battery We Need for the Energy Transition?

Energy in Rock: Is the Underground the Battery We Need for the Energy Transition?

आज दुनिया तेजी से Renewable Energy की तरफ बढ़ रही है। Solar और Wind Energy से बड़ी मात्रा में Electricity पैदा की जा रही है। लेकिन Renewable Energy के सामने एक बड़ी चुनौती है—जब सूरज नहीं चमकता या हवा नहीं चलती, तब बिजली की जरूरत को कैसे पूरा किया जाए?

इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए वैज्ञानिक अब जमीन के नीचे मौजूद Porous Rocks को Energy Storage के लिए इस्तेमाल करने की संभावना पर काम कर रहे हैं। यह विचार सुनने में किसी Science Fiction जैसा लगता है, लेकिन इसके पीछे एक वास्तविक Energy Storage concept है।

जमीन के अंदर Energy Store करने का विचार

Solar और Wind Power की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनसे बिना Fossil Fuels जलाए Electricity बनाई जा सकती है। लेकिन इन दोनों sources से मिलने वाली Electricity हमेशा एक जैसी नहीं रहती।

दिन में Solar Panels काफी Electricity बना सकते हैं, जबकि रात में Solar Power उपलब्ध नहीं होती। इसी तरह Wind Turbines तभी Electricity बनाते हैं जब पर्याप्त हवा मौजूद हो।

ऐसे समय में अगर जरूरत से ज्यादा Electricity पैदा हो जाए, तो उसे किसी तरीके से Store करना जरूरी होता है। सामान्य तौर पर इसके लिए Batteries का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन बड़े स्तर पर Energy Storage के लिए बहुत बड़ी मात्रा में Batteries की जरूरत पड़ सकती है।

यहीं पर Underground Energy Storage का विचार महत्वपूर्ण हो जाता है।

Porous Rocks क्या होते हैं?

Porous Rocks ऐसी चट्टानें होती हैं जिनके अंदर बहुत छोटे-छोटे खाली स्थान या Pores मौजूद होते हैं। इन Pores में कुछ परिस्थितियों में Fluids या Gas को रखा जा सकता है।

वैज्ञानिकों का विचार है कि उपयुक्त Underground Geological Formations को एक तरह के प्राकृतिक Storage System की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसमें जमीन के नीचे मौजूद चट्टानों की संरचना को समझना बेहद जरूरी है। हर चट्टान Energy Storage के लिए उपयुक्त नहीं होती। इसके लिए उसकी Porosity, Permeability, Pressure और Geological Stability जैसी चीजों का अध्ययन करना पड़ता है।

Solar और Wind Energy का इस्तेमाल कैसे होगा?

मान लीजिए किसी दिन बहुत तेज धूप है और Solar Panels सामान्य जरूरत से ज्यादा Electricity बना रहे हैं। उसी तरह किसी समय Wind Turbines भी जरूरत से ज्यादा Electricity पैदा कर सकते हैं।

इस अतिरिक्त Electricity को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय इसका उपयोग Underground Energy Storage System में किया जा सकता है।

एक संभावित तरीका Compressed Air Energy Storage (CAES) से जुड़ा है। इसमें Electricity का इस्तेमाल हवा को Compress करने के लिए किया जाता है। फिर इस Compressed Air को उपयुक्त Underground Formation में Store किया जा सकता है।

इस तरह जब Renewable Energy की Supply ज्यादा हो, तब Energy को Store किया जा सकता है।

जरूरत पड़ने पर Energy वापस कैसे मिलेगी?

अब सवाल आता है कि जमीन के अंदर Store की गई Energy वापस कैसे मिलेगी?

जब Solar और Wind से Electricity कम पैदा हो रही हो और लोगों की Electricity Demand ज्यादा हो, तब Underground Storage System से Compressed Air को नियंत्रित तरीके से बाहर निकाला जा सकता है।

यह हवा Turbine को घुमा सकती है। Turbine Generator से जुड़ी होती है और Generator Mechanical Energy को वापस Electrical Energy में बदल सकता है।

इस तरह दिन में Store की गई अतिरिक्त Renewable Energy को बाद में जरूरत के समय Electricity Generation में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यानी सरल भाषा में समझें तो प्रक्रिया कुछ ऐसी हो सकती है:

Extra Solar/Wind Electricity → Air Compression → Underground Storage → Air Release → Turbine → Generator → Electricity

यह तरीका Renewable Energy को ज्यादा Flexible बनाने में मदद कर सकता है।

क्या जमीन के अंदर की चट्टान वास्तव में Battery है?

तकनीकी रूप से Porous Rock को Lithium-ion Battery जैसी Battery कहना पूरी तरह सही नहीं होगा।

यहां चट्टान खुद Electricity को Chemical Energy की तरह Store नहीं करती। बल्कि Underground Geological Formation एक Energy Storage Reservoir की तरह काम कर सकता है।

इसलिए इसे समझने का बेहतर तरीका यह है कि जमीन के नीचे मौजूद Geological Structure को एक बड़े प्राकृतिक Storage Space की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह अंतर समझना जरूरी है क्योंकि Underground Storage और सामान्य Electrochemical Battery की Working अलग होती है।

इस Technology के फायदे क्या हो सकते हैं?

अगर यह Technology बड़े स्तर पर सफल होती है, तो इसके कई संभावित फायदे हो सकते हैं।

पहला फायदा है Large-scale Energy Storage। Underground Formations का आकार बहुत बड़ा हो सकता है, जिससे लंबे समय तक Energy Storage की संभावना बन सकती है।

दूसरा फायदा यह है कि Renewable Energy की Reliability बढ़ाई जा सकती है। Solar और Wind से मिलने वाली Electricity में होने वाले उतार-चढ़ाव को Storage System के जरिए संतुलित किया जा सकता है।

तीसरा फायदा यह है कि इससे Renewable Energy को जरूरत के समय इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। यानी जब सूर्य नहीं चमक रहा हो या Wind Generation कम हो, तब पहले Store की गई Energy काम आ सकती है।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं

इस Technology के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।

सबसे पहले सही Geological Formation ढूंढना जरूरी है। हर जगह की Underground Rock Formation इसके लिए उपयुक्त नहीं होगी।

इसके अलावा Air Leakage, Pressure Management, Geological Stability और Efficiency जैसे मुद्दों का समाधान करना होगा।

यह भी देखना होगा कि Energy को Store करने और फिर वापस Electricity में बदलने के दौरान कितनी Energy Loss होती है।

इसके अलावा किसी भी बड़े Underground Energy Project से पहले Environmental Impact और Safety का गहराई से अध्ययन करना जरूरी होगा।

Renewable Energy के Future में इसकी भूमिका

दुनिया में Electricity Demand लगातार बढ़ रही है और Renewable Energy की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। ऐसे में केवल Solar Panels और Wind Turbines लगाना पर्याप्त नहीं हो सकता। Energy को सही समय पर Store और Deliver करने के लिए बड़े Storage Systems की भी जरूरत होगी।

Future में संभव है कि Energy Storage के लिए कई अलग-अलग Technologies एक साथ इस्तेमाल हों—जैसे Lithium-ion Batteries, Pumped Hydro Storage, Hydrogen, Thermal Energy Storage और Compressed Air Energy Storage।

Underground Porous Rocks इस बड़े Energy Storage Network का एक हिस्सा बन सकते हैं।

निष्कर्ष

जमीन के अंदर मौजूद Porous Rocks को Energy Storage के लिए इस्तेमाल करने का विचार Renewable Energy की एक महत्वपूर्ण चुनौती का समाधान खोजने की कोशिश है।

Solar और Wind से जब अतिरिक्त Electricity मिले, तो उसका इस्तेमाल Compressed Air जैसी Energy Storage Technology के जरिए Underground Geological Formations में Energy Store करने के लिए किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इस Stored Energy को वापस Electricity Generation में इस्तेमाल किया जा सकता है।

हालांकि यह Technology अभी कई Technical और Practical Challenges से जुड़ी हुई है। इसलिए इसे Future Energy System का निश्चित समाधान मानने के बजाय एक संभावित Large-scale Energy Storage Approach के रूप में देखना बेहतर है।

अगर वैज्ञानिक Underground Storage को सुरक्षित, Efficient और आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाने में सफल होते हैं, तो भविष्य में जमीन के नीचे मौजूद चट्टानें Renewable Energy को Store करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

busy...