India’s Bioenergy Revolution: 5,000 CBG Plants and the Future of E85 & E100 Fuel Published By Anupam Nath भारत अब केवल Solar और Wind Energy के क्षेत्र में ही आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि Bioenergy को भी अपने Clean Energy Future का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। देश में कृषि अवशेष, गोबर, जैविक कचरे और अन्य Biomass को उपयोगी ईंधन में बदलने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में Compressed Biogas यानी CBG और Ethanol Fuel काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।हाल ही में आयोजित India Bioenergy Tech Expo 2026 में देश के Bioenergy Sector से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसमें आने वाले समय में CBG Production, Ethanol Blending और Green Energy को बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया गया। भारत का लक्ष्य ऐसा Energy System तैयार करना है जिसमें Waste को भी Resource के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।भारत में CBG का बढ़ता महत्वCBG यानी Compressed Biogas एक ऐसा Clean Fuel है जिसे Organic Waste और Biomass से बनाया जा सकता है। इसके लिए कृषि अवशेष, गोबर, Food Waste और अन्य जैविक पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है।Biomass को एक विशेष प्रक्रिया से गुजारने पर Biogas तैयार होती है। इसके बाद Purification और Compression के माध्यम से इसे CBG में बदला जाता है। CBG के गुण काफी हद तक Compressed Natural Gas यानी CNG के समान होते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल वाहनों और कुछ Industrial Applications में किया जा सकता है।भारत जैसे कृषि प्रधान देश में CBG का महत्व और भी ज्यादा है। गांवों में बड़ी मात्रा में कृषि अवशेष और पशुओं से निकलने वाला Organic Waste उपलब्ध होता है। अगर इस Waste को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो इससे Fuel के साथ-साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर भी बनाए जा सकते हैं।5,000 CBG Plants का लक्ष्यभारत में बड़े पैमाने पर CBG Plants स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। 5,000 CBG Plants का लक्ष्य देश के Bioenergy Sector के लिए एक बड़ा कदम माना जा सकता है।अगर इतने बड़े स्तर पर CBG Production Infrastructure तैयार होता है तो इसका फायदा केवल Energy Sector तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ Waste Management, Agriculture और Rural Economy को भी मजबूती मिल सकती है।कृषि क्षेत्र में अक्सर फसल कटने के बाद काफी मात्रा में Residue बच जाता है। कई जगह इसका उचित इस्तेमाल नहीं हो पाता। किसान इसे जलाने के बजाय CBG Plants तक पहुंचाकर उपयोगी Fuel Production में योगदान दे सकते हैं।इससे एक तरफ Stubble Burning जैसी समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है और दूसरी तरफ Biomass एक आर्थिक Resource बन सकता है।किसानों के लिए नए अवसरBioenergy का विस्तार किसानों के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकता है। किसान अपनी फसल से निकलने वाले Residue को Waste समझने के बजाय एक उपयोगी Resource के रूप में देख सकते हैं।CBG Plant के लिए आवश्यक Biomass की Supply Chain विकसित होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में Transport, Collection, Storage और Processing से जुड़े रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।इसके अलावा CBG Production के बाद बचने वाले कुछ By-products का इस्तेमाल Organic Manure के रूप में किया जा सकता है। इससे खेती में Chemical Fertilizers पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिल सकती है।यानी एक CBG Plant केवल Fuel बनाने का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह Waste Management + Clean Energy + Agriculture को जोड़ने वाला एक पूरा Ecosystem बना सकता है।Ethanol Fuel की तरफ भी बड़ा कदमCBG के साथ भारत Ethanol Fuel पर भी काफी ध्यान दे रहा है। देश में पहले से ही Petrol में Ethanol Blending को बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।E20 का मतलब है कि Fuel में 20 प्रतिशत Ethanol और बाकी हिस्सा Petrol होता है। इसका उद्देश्य Petrol में Fossil Fuel की हिस्सेदारी को कम करना और Renewable Fuel का इस्तेमाल बढ़ाना है।अब चर्चा E20 से आगे E85 और E100 Ethanol Fuel जैसे विकल्पों की भी हो रही है।E85 में लगभग 85 प्रतिशत Ethanol और E100 में लगभग पूरा Fuel Ethanol आधारित होता है। हालांकि इन Fuels के व्यापक इस्तेमाल के लिए Vehicle Compatibility, Fuel Infrastructure और Supply Chain जैसी चीजों का विकसित होना जरूरी है।E100 Fuel से क्या बदलेगा?अगर भविष्य में E100 जैसे Fuels का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है तो भारत की Fuel Strategy में बड़ा बदलाव आ सकता है।Ethanol का उत्पादन मुख्य रूप से Sugarcane और अन्य Biomass आधारित Feedstocks से किया जा सकता है। इससे Domestic Renewable Fuel Production को बढ़ावा मिल सकता है।भारत बड़ी मात्रा में Crude Oil Import करता है। इसलिए Domestic Biofuel Production बढ़ने से लंबे समय में Imported Fossil Fuels पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।हालांकि इसके लिए पर्याप्त Ethanol Production Capacity, Storage Infrastructure, Distribution Network और Compatible Vehicles की जरूरत होगी।Bioenergy से पर्यावरण को फायदाBioenergy का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें Organic Waste को उपयोगी Energy में बदलने की संभावना होती है।अगर कृषि अवशेष खुले में जलाने के बजाय CBG Production में इस्तेमाल किए जाएं तो Air Pollution को कम करने में मदद मिल सकती है। इसी तरह Fossil Fuels की जगह Renewable Fuels का इस्तेमाल बढ़ने से Greenhouse Gas Emissions को कम करने में योगदान मिल सकता है।हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर Bioenergy Project अपने आप पूरी तरह Environment Friendly नहीं होता। इसके लिए Efficient Technology, सही Waste Management और उचित Emission Control जरूरी हैं।भारत के Energy Future में Bioenergy की भूमिकाभारत का Energy Future अब कई अलग-अलग Renewable Sources पर आधारित होता दिखाई दे रहा है। Solar Energy और Wind Energy के साथ-साथ Bioenergy, Green Hydrogen, Battery Storage और Electric Mobility भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।Solar और Wind Energy से Electricity बनाई जाती है, जबकि Bioenergy से Transport और Industrial Sector के लिए Fuel तैयार किया जा सकता है। इस तरह अलग-अलग Clean Energy Technologies एक-दूसरे को Support कर सकती हैं।CBG और Ethanol का विस्तार खासतौर पर उन क्षेत्रों में उपयोगी हो सकता है जहां Agriculture और Biomass की उपलब्धता ज्यादा है।चुनौतियां भी कम नहीं हैंBioenergy Sector के सामने कई चुनौतियां भी हैं। सबसे बड़ी चुनौती है पर्याप्त मात्रा में Biomass की लगातार Supply बनाए रखना।इसके अलावा CBG Plants की स्थापना में बड़ी Capital Investment की आवश्यकता हो सकती है। Biomass Collection, Transportation और Storage की लागत भी महत्वपूर्ण है।Ethanol के मामले में भी Feedstock Availability, Water Requirement, Production Capacity और Vehicle Compatibility जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा।इसलिए केवल Target निर्धारित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके साथ मजबूत Infrastructure, Technology, Investment और Policy Support भी जरूरी होगा।रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है बढ़ावाअगर भारत में हजारों CBG Plants स्थापित होते हैं तो इससे ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।Biomass Collection, Plant Operation, Transportation, Maintenance और Fuel Distribution जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।इससे गांवों में उपलब्ध Waste को एक आर्थिक Resource में बदलने का रास्ता भी खुल सकता है। यानी Bioenergy केवल Energy Security का विषय नहीं है, बल्कि यह Rural Economy और Circular Economy को भी मजबूत कर सकता है।निष्कर्षभारत का Bioenergy Mission देश के Clean Energy Future की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। 5,000 CBG Plants का लक्ष्य, CBG Production को बढ़ावा और E20 से आगे E85 तथा E100 Ethanol Fuel की दिशा में तैयारी भारत की Fuel Strategy में बड़े बदलाव का संकेत देती है।अगर इन योजनाओं को मजबूत Infrastructure, आधुनिक Technology और सही Policy Support के साथ लागू किया जाता है, तो कृषि Waste से Energy बनाने, किसानों के लिए नए अवसर पैदा करने और Fossil Fuel Imports पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।आने वाले वर्षों में भारत का Energy Sector केवल बिजली बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। Waste से Fuel, Biomass से Energy और Agriculture से Biofuel जैसी अवधारणाएं भारत के Green Energy Future का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं।