Japan की ये धांसू टेक्नोलॉजी दुनिया को हैरान कर देगी! Space Based Solar Power Japan: स्पेस से बिना तारों के सीधे धरती पर आएगी बिजली – OHISAMA Satellite की कमाल वाली कहानी

Japan की ये धांसू टेक्नोलॉजी दुनिया को हैरान कर देगी! Space Based Solar Power Japan: स्पेस से बिना तारों के सीधे धरती पर आएगी बिजली – OHISAMA Satellite की कमाल वाली कहानी

आज की दुनिया में एनर्जी की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ रही है, और क्लीन एनर्जी की जरूरत तो और भी ज्यादा है। Coal, gas जैसी चीजें पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही हैं, solar और wind पावर अच्छी हैं लेकिन वो weather पर depend करती हैं – दिन में सूरज, रात में अंधेरा, बादल आए तो बिजली कम। लेकिन जापान ने एक ऐसा आइडिया निकाला है जो sci-fi जैसा लगता है, पर अब reality बन रहा है। स्पेस में सोलर पावर कलेक्ट करके बिना किसी तार के microwave beams की मदद से धरती पर भेजना! और ये सब OHISAMA प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है। दुनिया भर के लोग हैरान हैं कि जापान फिर से टेक्नोलॉजी में आगे निकल गया।

OHISAMA का मतलब जापानी में "सूरज" होता है, और ये नाम बिलकुल फिट बैठता है। जापान स्पेस सिस्टम्स (Japan Space Systems) और METI (Ministry of Economy, Trade and Industry) के साथ मिलकर ये प्रोजेक्ट चला रहा है। JAXA (Japan Aerospace Exploration Agency) भी सपोर्ट कर रही है। ये प्रोजेक्ट space-based solar power (SBSP) का demonstration है, मतलब स्पेस बेस्ड सोलर पावर को रियल में टेस्ट करना।

सैटेलाइट का नाम OHISAMA satellite है, जो washing machine से भी छोटा होगा – करीब 180 kg का, size में compact। इसे 2026 के अंत में या fiscal 2026 में लॉन्च किया जाएगा। Low Earth Orbit में लगभग 400 km ऊपर जाएगा। Rocket होगा Space One का Kairos 5 small rocket। सैटेलाइट पर solar panels लगे होंगे जो स्पेस में 24/7 सूरज की रोशनी सोखेंगे। क्योंकि स्पेस में न रात होती है, न बादल, न मौसम की दिक्कत। तो continuously बिजली बनती रहेगी – ये ground-based solar से 5-10 गुना ज्यादा efficient हो सकता है long term में।

बिजली बनाने के बाद क्या? सैटेलाइट electricity को microwaves में convert करेगा (mostly 2.45 GHz band में), और phased array antenna की मदद से focused beam बनाकर धरती पर भेजेगा। ये beam safe होगा, अगर misalignment हुआ तो automatically shut off हो जाएगा। Receiving side पर rectenna (rectifying antenna) होगी जो microwave को वापस electricity में बदल देगी। शुरुआत में output बहुत कम होगा – लगभग 1 kilowatt या 720 watts, यानी बस एक coffee maker चला सके या कुछ LEDs light up हो सकें। लेकिन purpose proof-of-concept है – दिखाना कि स्पेस से पावर ट्रांसमिट करना possible है।

कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि receiving station सुवा शहर (Suwa, Nagano Prefecture के पास central Japan में) में होगा, जहां 13 antenna वाले station से पावर receive की जाएगी। कुछ sources में JAXA के Usuda Deep Space Center का 64-meter parabolic antenna mention है LED light करने के लिए। लेकिन overall idea यही है – wireless transmission from space to ground, end-to-end successful हो।

फायदे क्या हैं? स्पेस में सोलर पावर baseload power दे सकती है – मतलब 24/7 available, कोई intermittency नहीं। Japan जैसे देश जहां land कम है, mountains ज्यादा, solar farms लगाना मुश्किल, ये game-changer हो सकता है। Environment के लिए zero carbon emissions during operation। Long term में Japan का प्लान है 25 सालों में 1 gigawatt orbital solar array बनाना, जो लाखों घरों को पावर दे सके।

Challenges भी हैं भाई। Microwave transmission में efficiency अभी low है – शुरुआत में 10-15% end-to-end। Safety concerns – beam strong न हो जाए, लेकिन design में safety features हैं। Cost बहुत high होगा initially, लेकिन जैसे tech mature होगी, कम होगा। Weather interference microwave में कम होता है compared to laser, लेकिन फिर भी research चल रही है।

दुनिया में दूसरे देश भी interested हैं – US में Caltech ने experiments किए, Europe में ESA SOLARIS project है, China भी आगे बढ़ रहा है। लेकिन Japan सबसे aggressive लग रहा है demonstration में। 2024 में aircraft से test किया था, अब space में real thing। अगर OHISAMA successful हुआ, तो future energy का नया chapter खुलेगा – clean, constant, space से आती बिजली!

ये टेक्नोलॉजी सिर्फ Japan के लिए नहीं, पूरी दुनिया के लिए boon हो सकती है। Energy crisis, climate change के समय में ये hope की किरण है। जापान ने दिखा दिया कि impossible को possible बनाने में वो माहिर है। अब बस लॉन्च का इंतजार है – 2026 में दुनिया देखेगी स्पेस से बिजली का कमाल!

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