PM-KUSUM 2.0: Solar Pump Subsidy और किसानों के लिए नई कमाई का मौका

PM-KUSUM 2.0: Solar Pump Subsidy और किसानों के लिए नई कमाई का मौका

भारत में खेती को आसान बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए Solar Energy का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी दिशा में PM-KUSUM Scheme किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना बनकर सामने आई है। अब इसके दूसरे चरण यानी PM-KUSUM 2.0 को लेकर किसानों के बीच काफी उम्मीदें बढ़ गई हैं। 7 अगस्त 2026 को प्रकाशित NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने PM-KUSUM के दूसरे चरण को जल्द लॉन्च करने की तैयारी की जानकारी दी है।

PM-KUSUM का पूरा नाम Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyaan है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती के लिए Energy Security देना, Diesel और पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करना तथा उनकी Income बढ़ाने में मदद करना है। मौजूदा PM-KUSUM framework में Solar Pumps, Grid-connected Pumps की Solarisation और Renewable Energy Power Plants जैसे अलग-अलग Components शामिल हैं।

PM-KUSUM 2.0 में क्या खास हो सकता है?

सबसे बड़ी उम्मीद Solar Pump Subsidy को लेकर है। किसानों को सिंचाई के लिए Solar Pump लगाने में Financial Support मिलने से खेती में इस्तेमाल होने वाली Energy की लागत कम हो सकती है। मौजूदा PM-KUSUM व्यवस्था में Standalone Solar Pumps के लिए Central Financial Assistance उपलब्ध है, जबकि State Government भी अपनी हिस्सेदारी के अनुसार सहायता दे सकती है।

Solar Pump का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें खेत की सिंचाई के लिए सूर्य की रोशनी से बिजली बनाई जाती है। इससे Diesel Pump पर निर्भरता कम की जा सकती है। जिन किसानों को Diesel के बढ़ते खर्च या बिजली की उपलब्धता की समस्या का सामना करना पड़ता है, उनके लिए Solar Irrigation एक उपयोगी विकल्प बन सकता है।

खेत में सिंचाई के साथ बिजली की कमाई

PM-KUSUM का एक महत्वपूर्ण पहलू सिर्फ Solar Pump तक सीमित नहीं है। योजना के अलग-अलग Components के तहत किसान Renewable Energy से बिजली उत्पादन करने के अवसर का भी लाभ उठा सकते हैं।

सरकारी जानकारी के अनुसार, Component-A के तहत किसान, Farmer Groups, Cooperatives, Panchayats और FPOs जैसी संस्थाएं 500 kW से 2 MW तक के Grid-connected Renewable Energy Power Plants स्थापित कर सकती हैं। इस तरह पैदा होने वाली बिजली को संबंधित DISCOM द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और State Electricity Regulatory Commission द्वारा स्वीकृत Tariff के अनुसार खरीदा जा सकता है।

यानी भविष्य में किसान सिर्फ फसल पैदा करने वाला व्यक्ति नहीं रहेगा, बल्कि वह Energy Producer की भूमिका भी निभा सकता है।

बंजर जमीन का हो सकता है बेहतर इस्तेमाल

कई किसानों के पास ऐसी जमीन होती है जो खेती के लिए बहुत उपयोगी नहीं होती या जिसका इस्तेमाल सीमित रूप से किया जाता है। PM-KUSUM framework में ऐसी जमीन पर Solar Power Plant लगाने का विकल्प महत्वपूर्ण है।

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित PM-KUSUM 2 के संदर्भ में किसानों के लिए खाली या बंजर जमीन पर Solar Plant लगाकर बिजली पैदा करने और उसे बेचने की संभावना पर जोर दिया गया है।

अगर किसी किसान के पास पर्याप्त जमीन, Grid connectivity और योजना के नियमों के अनुसार पात्रता है, तो Solar Power Plant उसके लिए एक Long-term Income Source बन सकता है। हालांकि, इसके लिए Investment, Land suitability, Grid connectivity, DISCOM arrangements और State-specific rules को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

Solar Pump से कितना फायदा हो सकता है?

किसान के लिए Solar Pump का फायदा केवल बिजली पैदा करने तक सीमित नहीं है। इसका सबसे पहला फायदा Irrigation Cost में कमी के रूप में मिल सकता है।

मान लीजिए कोई किसान सिंचाई के लिए Diesel Pump का इस्तेमाल करता है। Diesel खरीदने में हर साल काफी पैसा खर्च हो सकता है। Solar Pump लगाने के बाद सूर्य की रोशनी से मिलने वाली Energy का इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जा सकता है। इससे Diesel consumption कम या समाप्त हो सकता है।

हालांकि, वास्तविक बचत हर किसान के लिए अलग होगी। यह Pump Capacity, खेती का क्षेत्र, पानी की जरूरत, Solar Radiation, मौसम और Pump के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी। इसलिए किसी एक निश्चित रकम को सभी किसानों की बचत बताना सही नहीं होगा।

Solar Pump की लागत में भी राहत

NDTV की रिपोर्ट में बताया गया है कि Renewable Energy equipment और components पर GST दर में कमी से Solar technology की लागत कम हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 5 HP Solar Pump की कीमत में लगभग ₹17,500 तक की कमी आने का अनुमान बताया गया है। सरकार के 10 लाख नए Solar Pumps के लक्ष्य के संदर्भ में कुल बचत का भी अनुमान दिया गया है।

यहां यह समझना जरूरी है कि किसी किसान को वास्तविक कीमत और Subsidy कितनी मिलेगी, यह उसके State, approved vendor, Pump capacity और उस समय लागू Government guidelines पर निर्भर करेगा।

PM-KUSUM 1.0 का प्रदर्शन

PM-KUSUM 2.0 को समझने के लिए पहले चरण को देखना भी जरूरी है। आधिकारिक PM-KUSUM portal पर 31 मई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, Component-A में 7,854.50 MW capacity sanctioned और 1,129.30 MW installed दिखाई गई है।

Component-B में 8,95,882 Solar Pumps sanctioned और 7,70,384 installed बताए गए हैं। Component-C के Individual Pump Solarisation में 32,420 pumps sanctioned और 9,015 solarised बताए गए हैं। Feeder Level Solarisation में 20,69,796 sanctioned और 9,30,215 solarised आंकड़े दर्ज हैं।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि Agriculture sector में Solar Energy का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है।

PM-KUSUM 2.0 में नई Technology पर भी जोर

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, PM-KUSUM 2 के संदर्भ में Lithium-ion Cell Manufacturing जैसी आधुनिक technologies को बढ़ावा देने की भी बात सामने आई है। इसका उद्देश्य देश में Renewable Energy equipment की manufacturing capability को मजबूत करना और भविष्य में बेहतर तथा टिकाऊ technology उपलब्ध कराना हो सकता है।

अगर Solar Pump, Solar Panels, Battery Storage और अन्य Renewable Energy equipment की कीमतें कम होती हैं, तो किसानों के लिए Solar-based Agriculture को अपनाना और आसान हो सकता है।

किसानों को आवेदन कब करना होगा?

अभी PM-KUSUM 2.0 को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसानों को official launch और final guidelines का इंतजार करना चाहिए। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, योजना के आधिकारिक ऐलान के बाद किसान अपने नजदीकी Agriculture Department या CSC Centre के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

किसानों को किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी website को पैसे देने से बचना चाहिए। Subsidy, eligibility, vendor और application process की जानकारी केवल Government के official portal या State Government की authorized agency से ही verify करनी चाहिए।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है PM-KUSUM 2.0?

भारत में Agriculture sector में Energy की जरूरत लगातार बढ़ रही है। सिंचाई के लिए Diesel और Electricity पर होने वाला खर्च किसानों की लागत बढ़ाता है। ऐसे में Solar Energy किसानों को एक वैकल्पिक Energy Source उपलब्ध करा सकती है।

PM-KUSUM का लक्ष्य केवल Solar Pump लगाना नहीं है। इसका बड़ा उद्देश्य Agriculture को Clean Energy, Energy Security और Additional Income से जोड़ना है। Solar Pump से सिंचाई की लागत कम हो सकती है, जबकि Solar Power Plant या surplus electricity की बिक्री से अतिरिक्त Income का अवसर मिल सकता है।

निष्कर्ष

PM-KUSUM 2.0 किसानों के लिए Renewable Energy और Agriculture को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अगला कदम हो सकता है। Solar Pump Subsidy, कम Irrigation Cost और Solar Power से Income का अवसर किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

लेकिन किसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि PM-KUSUM 2.0 के अंतिम नियम, Subsidy structure, eligibility और application process की जानकारी official announcement के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

अगर यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में खेत सिर्फ अनाज और सब्जियां ही नहीं, बल्कि Solar Energy भी पैदा कर सकते हैं। इससे किसान धीरे-धीरे अन्नदाता से ऊर्जा दाता बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

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